खरगे की टिप्पणी पर भड़के CM धामी, बोले- राजनीतिक मर्यादाओं का हुआ उल्लंघन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ी आपत्ति जताई है। धामी ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताते हुए कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है।
खरगे को माफी मांगनी चाहिए: मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से राजनीतिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने खरगे की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की। धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना रही है।
पटना के कार्यक्रम में क्या हुआ था?
यह विवाद 25 अक्टूबर 2026 को बिहार की राजधानी पटना में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे, तभी सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता से नहीं जाने की बात कही। इस पर खरगे ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनकी इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन का भी उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री धामी ने समाजवादी पार्टी पर भी उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस से समाजवादी पार्टी के साथ अपने राजनीतिक संबंधों और उत्तराखंड के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट रुख रखने की मांग की। धामी ने कहा कि राज्य के मान-सम्मान और स्वाभिमान से जुड़े विषयों पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खरगे की टिप्पणी के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। यह विवाद एक बार फिर राजनीतिक विरोध के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली भाषा और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा को लेकर बहस के केंद्र में आ गया है।




