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जोशीमठ के अनूप की संदिग्ध मौत, पत्नी ने ITBP जवान पर लगाए गंभीर आरोप

उत्तराखंड के जोशीमठ निवासी अनूप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने आईटीबीपी में तैनात एक जवान और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्नी पूजा की ओर से हरिद्वार कोतवाली में दी गई तहरीर के अनुसार, अनूप को राजस्थान ले जाकर सड़क दुर्घटना की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने के लिए कथित तौर पर दबाव बनाया गया था। 16 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार में उसका शव बरामद हुआ। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

परिवार का एकमात्र सहारा था अनूप

जानकारी के अनुसार, जोशीमठ के दौड़ील ठाडो गांव निवासी अनूप की उम्र करीब 35 वर्ष थी। परिवार में उनकी वृद्ध मां, नेत्रहीन पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। परिवार का खर्च चलाने के लिए अनूप ने अपनी जमीन का एक हिस्सा बेचकर किस्तों पर कमर्शियल वाहन खरीदा था, जिसका नंबर UK 11TA 4331 बताया गया है। परिजनों के मुताबिक, जोशीमठ में आईटीबीपी में तैनात सिपाही धर्मपाल अक्सर इस वाहन को किराये पर ले जाता था। सितंबर 2024 के अंत में वह वाहन लेकर राजस्थान गया था, जहां कथित तौर पर वाहन से हुई दुर्घटना में स्कूटर सवार दो लोगों की मौत हो गई। इसके बाद वाहन सीज कर दिया गया था।

राजस्थान ले जाकर दबाव बनाने का आरोप

अनूप की पत्नी पूजा की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि धर्मपाल 7 अक्टूबर 2026 को जोशीमठ लौटा और 8-9 अक्टूबर को अनूप को यह कहकर अपने साथ ले गया कि वाहन छुड़ाने के लिए मालिक के हस्ताक्षर जरूरी हैं। परिजनों का आरोप है कि राजस्थान पहुंचने के बाद अनूप पर सड़क दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने का दबाव बनाया गया। परिवार के अनुसार, अनूप ने फोन पर उन्हें बताया था कि उसे डराया-धमकाया जा रहा है और उसकी जान को खतरा है। आरोप है कि बाद में उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। परिजनों का कहना है कि 12 अक्टूबर को अनूप ने अपनी 75 वर्षीय मां बबीता देवी को फोन कर बताया था कि कुछ लोग उसके सिर पर बंदूक रखकर धमका रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

हरिद्वार में मिला शव, परिवार ने उठाए सवाल

परिजनों के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार में अनूप का शव बरामद हुआ। परिवार का आरोप है कि इससे पहले धर्मपाल उन्हें अनूप के सुरक्षित होने और जल्द जोशीमठ लौटने का भरोसा देता रहा। परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आईटीबीपी के अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्हें संतोषजनक सहायता नहीं मिली। हालांकि, विभाग की भूमिका और घटना से संबंधित सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

निष्पक्ष जांच और आर्थिक सहायता की मांग

अनूप की मौत के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। परिजनों के मुताबिक, वाहन की किस्तें चुकाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, आरोपों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्याय के लिए आगे भी संघर्ष करेंगे। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों, मौत की परिस्थितियों और संबंधित पक्षों की भूमिका की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।

 

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