अंकिता भंडारी मामले पर देहरादून में कांग्रेस की बाइक रैली, गणेश गोदियाल और कुमारी शैलजा के नेतृत्व में होगा प्रदर्शन

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी विरोध तेज हो गया है। दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने आज यानी 16 अक्टूबर को देहरादून में बाइक रैली निकालने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में प्रस्तावित यह रैली शिमला बाईपास चौक से शुरू होगी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता घंटाघर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस इस विरोध के जरिए अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों की जांच की मांग उठा रही है। पार्टी का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। पार्टी ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
अंकिता के लिए न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले से जुड़े प्रत्येक सवाल का जवाब सामने आना जरूरी है। कथित वीआईपी एंगल को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच पार्टी सरकार से पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रही है। दूसरी ओर, अंकिता के माता-पिता भी न्याय की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। बुधवार को वे इंडिया गेट पर धरने पर बैठे थे, जहां राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनसे मुलाकात कर परिवार की बात सुनी। इस घटनाक्रम के बाद मामला एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया।
सिक्किम में भी नियुक्ति का विरोध
दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति को लेकर उत्तराखंड के अलावा सिक्किम में भी विरोध की खबरें सामने आई हैं। सिक्किम विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों ने भी इस नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए अंकिता भंडारी मामले का उल्लेख किया है। इस मुद्दे पर अलग-अलग संगठनों की प्रतिक्रियाओं के बाद राजनीतिक विवाद और व्यापक हो गया है।
लोकभवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान 60 नेता हिरासत में
इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस ने देहरादून में लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया था। करीब ढाई घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने कांग्रेस नेताओं से ज्ञापन प्राप्त किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत सहित लगभग 60 नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। कांग्रेस का कहना है कि अंकिता भंडारी मामले में न्याय और कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, आज प्रस्तावित बाइक रैली और घंटाघर पर प्रदर्शन के जरिए पार्टी इस मुद्दे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग, कथित वीआईपी एंगल की जांच और राज्यपाल नियुक्ति पर उठे सवालों के बीच उत्तराखंड की राजनीति में टकराव लगातार बढ़ रहा है। अब सबकी नजर देहरादून में होने वाले कांग्रेस के प्रदर्शन और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर है।




