
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत 30 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन नेताओं पर बिना अनुमति लोकभवन के गेट के सामने प्रदर्शन करने, बैरियर पार कर आगे बढ़ने और यातायात बाधित करने का प्रयास करने के आरोप लगाए गए हैं।जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका और दुष्यंत गौतम के विरोध को लेकर लोकभवन के गेट के सामने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान स्थिति को लेकर पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई।
इस मामले में कैंट थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 और 223 के तहत एफआईआर दर्ज की है। मुकदमे में हरीश रावत, गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, ज्योति रौतेला, गरिमा दोसानी और पूर्व विधायक राजकुमार समेत 30 कांग्रेस नेताओं के नाम शामिल हैं। इसके अलावा 10 से 15 अज्ञात कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी एफआईआर में शामिल किया गया है।अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में राजनीतिक माहौल लगातार गरमाया हुआ है। कांग्रेस मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच और जवाबदेही की मांग उठा रही है, जबकि लोकभवन के बाहर हुए प्रदर्शन को लेकर अब पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ने की संभावना है।



