
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र के बिधोली में बंद पड़े दुआ बॉयज हॉस्टल में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी के चार लकड़ी के बेड और दो लोहे की अलमारियां बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी नशे की लत के चलते कर्ज में डूब गया था। इसी कर्ज को चुकाने और जल्द पैसा कमाने के लिए चोरी की योजना बनाई गई थी।
बंद हॉस्टल को देखकर आया चोरी का विचार
पुलिस के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को हॉस्टल संचालक रजत दुआ ने प्रेमनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बिधोली स्थित उनके बंद हॉस्टल से अज्ञात लोग लकड़ी के बेड, अलमारियां और अन्य सामान चोरी कर ले गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर 11 अक्टूबर को कांसवाली रोड के तल्ली कंडोली-बिधोली क्षेत्र में चेकिंग के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य शर्मा उर्फ रिंकू, जोगेंद्र कुमार, सचिन कुमार और असलम के रूप में हुई है।
नशे की लत और कर्ज को बताया चोरी की वजह
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में मुख्य आरोपी आदित्य शर्मा उर्फ रिंकू ने बताया कि वह बिधोली क्षेत्र का रहने वाला है और नशे का आदी है। नशे की लत के कारण उसने कई लोगों से उधार लिया था। कर्ज चुकाने के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, अगस्त में एक दोस्त के घर जाते समय आदित्य ने रास्ते में बंद पड़ा दुआ बॉयज हॉस्टल देखा था। हॉस्टल के अंदर झांकने पर उसे कई बेड, अलमारियां, गीजर, जिम का सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दिखाई दिए। इसके बाद उसने सामान चोरी कर बेचने की योजना बनाई। आरोप है कि आदित्य ने इस योजना में अपने दो साथियों जोगेंद्र और सचिन को शामिल किया। दोनों ने उसे सहसपुर के रहने वाले कबाड़ी असलम के बारे में बताया। पुलिस के मुताबिक, असलम भी चोरी का सामान खरीदने के लिए तैयार हो गया।
ताला तोड़कर बेड, अलमारियां और अन्य सामान चोरी करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मौका देखकर हॉस्टल का ताला तोड़ा और वहां से लकड़ी के बेड, लोहे की अलमारियां, गीजर सहित अन्य सामान चोरी कर लिया। चोरी किए गए कुछ सामान को कबाड़ी को बेचने का आरोप है, जबकि गीजर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एक अन्य कबाड़ी के पास ले जाए गए थे। पुलिस का कहना है कि चोरी किए गए कुछ बेड और अलमारियां आरोपियों के पास बची हुई थीं। वे इन्हें भी बेचने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के चार लकड़ी के बेड और दो लोहे की अलमारियां बरामद की हैं।
चार आरोपी गिरफ्तार, एक अन्य की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में आदित्य शर्मा उर्फ रिंकू (22), जोगेंद्र कुमार (29), सचिन कुमार (23) और असलम (40) शामिल हैं। आदित्य, जोगेंद्र और सचिन बिधोली क्षेत्र में रहते हैं, जबकि असलम सहसपुर क्षेत्र का निवासी है। पूछताछ के दौरान चोरी की घटना में कथित तौर पर शामिल एक अन्य व्यक्ति का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद बंद पड़े हॉस्टल से हुई चोरी के मामले में अहम सुराग मिले हैं। अब जांच के दौरान चोरी किए गए अन्य सामान की बरामदगी और मामले में सामने आए दूसरे व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।




