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रुद्रप्रयाग में कांग्रेस को झटका, 35 साल बाद ग्यालू लाल ने छोड़ी पार्टी; भाजपा में शामिल

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले रुद्रप्रयाग जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। खलियाण वार्ड से जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस नेता ग्यालू लाल ने करीब 35 वर्षों तक पार्टी में रहने के बाद कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। उनके इस फैसले को जिले की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने पार्टी में शामिल होने पर ग्यालू लाल का स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के साथ काम करने के लिए शुभकामनाएं दीं। भाजपा का पटका पहनने के बाद ग्यालू लाल ने पार्टी के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का भरोसा जताया।

ग्यालू लाल ने बताई कांग्रेस छोड़ने की वजह

भाजपा में शामिल होने के बाद ग्यालू लाल ने कांग्रेस में अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “35 साल कांग्रेस में रहने के बाद आज खुद को भाग्यशाली समझता हूं कि भाजपा में शामिल हो रहा हूं। कांग्रेस में संघर्ष किया, लेकिन कार्यकर्ताओं की अनदेखी होने के कारण उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ा है।” ग्यालू लाल ने कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की अनदेखी को पार्टी छोड़ने की वजह बताया है। उनके इस बयान के बाद जिले में उनके राजनीतिक फैसले और आगामी चुनावों से पहले दलों की रणनीति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

केदारनाथ और रुद्रप्रयाग की राजनीति पर पड़ सकता है असर

ग्यालू लाल के भाजपा में शामिल होने को केवल एक नेता के दलबदल तक सीमित नहीं माना जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य होने के कारण उनकी स्थानीय स्तर पर राजनीतिक पहचान है। क्षेत्र में अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ को लेकर भी चर्चा होती रही है। भाजपा को उम्मीद हो सकती है कि ग्यालू लाल के पार्टी से जुड़ने से स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूती मिलेगी। हालांकि, उनके शामिल होने का केदारनाथ और रुद्रप्रयाग की चुनावी राजनीति पर कितना असर पड़ेगा, यह आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी परिस्थितियों से स्पष्ट होगा।

कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत रखने की चुनौती

वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय प्रभाव रखने वाले नेताओं को अपने साथ जोड़ना राजनीतिक दलों की रणनीति का हिस्सा है। ऐसे में करीब साढ़े तीन दशक तक कांग्रेस से जुड़े रहे ग्यालू लाल का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए स्थानीय स्तर पर चुनौती बन सकता है। दूसरी ओर, भाजपा में शामिल होने के बाद ग्यालू लाल की भूमिका और पार्टी संगठन में उन्हें मिलने वाली जिम्मेदारी पर भी नजर रहेगी। फिलहाल, भाजपा की ओर से उनके स्वागत और पार्टी के लिए काम करने के उनके आश्वासन के अलावा किसी विशिष्ट जिम्मेदारी की जानकारी सामने नहीं आई है।

2027 के चुनाव से पहले रुद्रप्रयाग में बढ़ी राजनीतिक हलचल

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले रुद्रप्रयाग जिले में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ग्यालू लाल के भाजपा में शामिल होने से दोनों प्रमुख दलों की स्थानीय रणनीति पर चर्चा हो रही है। अब यह देखना होगा कि भाजपा उनके अनुभव और स्थानीय पहचान को संगठनात्मक गतिविधियों में किस तरह शामिल करती है और कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय संगठन को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाती है। फिलहाल, ग्यालू लाल का भाजपा में जाना रुद्रप्रयाग की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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