
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह राज्य स्थापना दिवस के 26 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव समारोह में शामिल होने के लिए देहरादून के परेड ग्राउंड पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत और सम्मान किया। सीएम धामी ने उन्हें उत्तराखंड की पहाड़ी टोपी, शॉल, गंगाजल और समुद्र मंथन का प्रतीक चिह्न भेंट किया। इसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संबोधन से हुई। अपने भाषण में उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ ही कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने जेनी प्रकरण, तंदूर कांड और अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से इन मुद्दों पर उसका पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।
अनुच्छेद 370 हटाने को बताया राष्ट्रीय एकता की दिशा में ऐतिहासिक कदम
परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में अनुच्छेद 370 हटाने, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करने और तीन नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी बनाने जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने से राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूती मिली है। उन्होंने केंद्र सरकार के इन फैसलों को देश की व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार के नेतृत्व में हुए बदलावों और नीतिगत निर्णयों को भी रेखांकित किया।
युवाओं को भड़काने और हिंसा फैलाने की राजनीति बर्दाश्त नहीं: धामी
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं को भड़काना, अफवाह फैलाना और हिंसा को बढ़ावा देना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल प्रदेश और देश के विकास में होना चाहिए, न कि उन्हें राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भ्रमित करने में। सीएम धामी ने चुनावी नतीजे अनुकूल नहीं आने पर कांग्रेस की ओर से ईवीएम, एसआईआर और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक असफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय चुनावी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करती है।
जेनी प्रकरण और तंदूर कांड का जिक्र कर कांग्रेस से पूछे सवाल
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जेनी प्रकरण और तंदूर कांड का मुद्दा उठाकर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि इन मामलों पर कांग्रेस के नेता चुप्पी क्यों साध लेते हैं? मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को गंभीर मामलों पर भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।उन्होंने अजीत डोभाल के कथित अपमान और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के उत्तराखंडवासियों को घुसपैठिया बताने वाले कथित बयान का उल्लेख करते हुए भी कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए। सीएम धामी ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भी विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अंकिता भंडारी हत्याकांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन आरोपियों को सजा दिलाने वाली सरकार पर सवाल उठाती है, जिन्हें इस मामले में दोषी ठहराया गया है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष से पूछा कि तंदूर कांड और जेनी प्रकरण जैसे मामलों पर उसके नेता खुलकर अपनी बात क्यों नहीं रखते। सीएम धामी के इस संबोधन में विकास और केंद्र सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से सामने आए। राज्य स्थापना दिवस के मंच से कांग्रेस पर किए गए उनके हमलों को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




