रुद्रप्रयाग में पत्नी पर जानलेवा हमले का आरोप, पुलिस ने आरोपी पति को किया गिरफ्तार

रुद्रप्रयाग: महिलाओं के खिलाफ हिंसा और घरेलू विवादों में गंभीर आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में जखोली तहसील के पाला कुराली गांव में पत्नी के साथ मारपीट और जानलेवा हमला करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मानवेन्द्र सिंह राणा के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में गंभीर धाराएं भी बढ़ाई हैं।
पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा
रुद्रप्रयाग पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को पाला कुराली गांव निवासी सरोजनी देवी ने राजस्व पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बहन के साथ उसके पति मानवेन्द्र सिंह राणा ने मारपीट की है। शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के आदेश पर इसकी जांच राजस्व पुलिस से नियमित पुलिस को हस्तांतरित कर दी गई। इसके बाद जखोली चौकी प्रभारी अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह को मामले की विवेचना सौंपी गई।
जांच में बढ़ाई गईं गंभीर धाराएं
नियमित पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण किया। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 117(2) और 115(2) की बढ़ोतरी की। पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को आगे बढ़ाया गया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
4 नवंबर को आरोपी पति गिरफ्तार
पुलिस टीम ने 4 नवंबर 2026 को आरोपी मानवेन्द्र सिंह राणा पुत्र बच्चन सिंह, निवासी पाला कुराली, तहसील जखोली को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई का संदेश
रुद्रप्रयाग पुलिस ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा, घरेलू उत्पीड़न और गंभीर आपराधिक घटनाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच की जाती है और साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाती है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। गंभीर अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।




