
बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में साइबर ठगों ने अब सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को निशाना बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। जिले की जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे के नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों को फर्जी संदेश भेजे जाने का मामला सामने आया है। इन संदेशों के माध्यम से धनराशि की मांग किए जाने की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। प्रशासन ने आमजन को आगाह करते हुए ऐसे किसी भी संदेश या फोन कॉल पर भरोसा न करने की अपील की है।
DM के नाम और पहचान का किया जा रहा दुरुपयोग
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, किसी अन्य मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे के नाम से फर्जी संदेश भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों में लोगों से पैसों की मांग की जा रही है। इस तरह की गतिविधि सामने आने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनजान नंबर से जिलाधिकारी या अन्य सरकारी अधिकारी के नाम पर धनराशि मांगी जाती है, तो बिना सत्यापन किए कोई भुगतान न करें। साइबर अपराधी अक्सर लोगों का विश्वास जीतने के लिए सरकारी अधिकारियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम तथा पहचान का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे मामलों में लोग अधिकारी का नाम देखकर जल्दबाजी में पैसे भेज देते हैं और साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।


जिलाधिकारी ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मोबाइल नंबर से आने वाले संदेश या फोन कॉल पर तुरंत विश्वास न करें। यदि किसी व्यक्ति को जिलाधिकारी अथवा किसी अन्य अधिकारी के नाम से धनराशि मांगने वाला संदेश मिलता है, तो संबंधित अधिकारी से आधिकारिक माध्यम के जरिए उसकी पुष्टि जरूर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल नाम और पहचान देखकर किसी भी तरह का आर्थिक लेनदेन करना जोखिम भरा हो सकता है। लोगों को ऐसे संदेशों के झांसे में आने से बचना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में बिना पुष्टि के पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए।
साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान नंबरों से आने वाले संदेशों और संदिग्ध कॉल को गंभीरता से लें। किसी अधिकारी के नाम से पैसे मांगे जाने पर पहले उसकी सत्यता जांचें। इसके अलावा किसी के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें।यदि किसी व्यक्ति को ऐसा फर्जी संदेश प्राप्त होता है, तो वह संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकता है। साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। फिलहाल जिला प्रशासन ने मामले में आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन की सतर्कता ही इस तरह की साइबर धोखाधड़ी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।




