उत्तराखंडदेहरादून

अमित शाह की जनसभा को कांग्रेस ने बताया फ्लॉप, सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा पर साधा निशाना

देहरादून: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे और परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने भाजपा के इस कार्यक्रम को फ्लॉप बताते हुए दावा किया है कि पूरी ताकत लगाने के बावजूद पार्टी जनसभा में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटा सकी। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने इसको लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए व्यापारियों की परेशानी, अंकिता भंडारी हत्याकांड और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दे उठाए। धस्माना ने कहा कि भाजपा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं, लेकिन इसके बावजूद जनसभा में सम्मानजनक भीड़ नहीं जुट पाई। उन्होंने दावा किया कि यह प्रदेश की जनता की भाजपा सरकार के प्रति नाराजगी को दर्शाता है। हालांकि, जनसभा को फ्लॉप बताना कांग्रेस का राजनीतिक आकलन है।

त्योहार के दिन व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने का आरोप

सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि त्योहार के अवसर पर बाजारों में व्यापारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद रहती है। पहले से ही मंदी की मार झेल रहे व्यापारियों के लिए यह दिन आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण था, लेकिन भाजपा के कार्यक्रम के कारण उनका पूरे दिन का कारोबार प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसभा और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के चलते व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। धस्माना ने कहा कि भाजपा को कार्यक्रम आयोजित करते समय आम लोगों और व्यापारियों की परेशानियों का भी ध्यान रखना चाहिए था। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रदेश की जनता पिछले दस वर्षों से भाजपा के शासन से परेशान है और अब बदलाव चाहती है। उनके मुताबिक, अमित शाह की जनसभा में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटना जनता की नाराजगी का संकेत है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा पर हमला

धस्माना ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को भी जनसभा में कम भीड़ रहने का एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता आज भी अपनी बेटी के लिए संपूर्ण न्याय की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने मामले में सामने आए कथित वीआईपी के मुद्दे को उठाते हुए भाजपा पर उसे बचाने और कानूनी संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर प्रदेश में लगातार सवाल उठते रहे हैं और सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। धस्माना के अनुसार, इस मामले में जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्रवाई और जवाब न मिलने से लोगों में नाराजगी है।

अमित शाह के ‘हैट्रिक’ के दावे पर कांग्रेस का पलटवार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तराखंड में भाजपा की लगातार तीसरी जीत यानी हैट्रिक लगाने का लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए 65 से अधिक सीटें हासिल करने का लक्ष्य भी रखा और कार्यकर्ताओं से इसके लिए जुटने का आह्वान किया। अमित शाह के इस राजनीतिक दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए सूर्यकांत धस्माना ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को उत्तराखंड में हैट्रिक लगाने की बात करने के बजाय प्रदेश से अपनी विदाई की तैयारी करनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है।

SIR और मतदाता सूची को लेकर भी उठाए सवाल

कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर भी भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। धस्माना ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देशभर में मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है, लेकिन कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों का चुनाव आयोग की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनाव आयोग से मतदाता सूची को लेकर सवाल पूछे जाते हैं, तो उसका जवाब भाजपा को देना पड़ रहा है। कांग्रेस का दावा है कि देशभर में लगभग 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। धस्माना ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आधार और आंकड़ों को स्पष्ट करने की मांग की। इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने संबोधन में कांग्रेस और राहुल गांधी पर पलटवार किया। उन्होंने SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के पीछे स्थान परिवर्तन, मृत्यु और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण जैसी वजहें हैं। इस तरह SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।

अमित शाह ने भी अपने संबोधन में कांग्रेस को घेरा

परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने SIR, मतदाता सूची, घुसपैठ और उत्तराखंड में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़े मुद्दे उठाए। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज और प्रदेश में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। अमित शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 65 पार का लक्ष्य देते हुए संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सक्रिय रहने का संदेश दिया। अमित शाह के देहरादून दौरे के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर भाजपा ने अपने कार्यक्रम के जरिए आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक लक्ष्य और संगठनात्मक संदेश दिया, वहीं कांग्रेस ने जनसभा की भीड़, व्यापारियों की परेशानी, अंकिता भंडारी प्रकरण और SIR को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button