रेखा आर्य और पति के खिलाफ ED-CBI में शिकायत, 210 करोड़ की संपत्ति की जांच की मांग

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी से जुड़े विवाद में नया घटनाक्रम सामने आया है। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने दोनों के खिलाफ कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अर्जित करने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), सतर्कता विभाग और लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ED-CBI समेत चार एजेंसियों से जांच की मांग
शिकायतकर्ता मंसा राम उनियाल ने अपनी शिकायत में देहरादून के कैंट थाने में 15 अक्टूबर 2026 को दर्ज FIR संख्या 0158/2026 का उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस एफआईआर में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से संबंधित गंभीर आरोप शामिल हैं। उन्होंने संबंधित जांच एजेंसियों से मामले के सभी पहलुओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
गिरधारी लाल साहू के कथित वीडियो बयानों का हवाला
शिकायत में गिरधारी लाल साहू के कथित सार्वजनिक वीडियो बयानों को भी आधार बनाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन वीडियो में साहू ने मंत्री रेखा आर्य के पास लगभग 210 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति होने की बात कही है। शिकायतकर्ता ने इन बयानों को महत्वपूर्ण आधार बताते हुए उनकी सत्यता और उनसे जुड़े संभावित वित्तीय लेनदेन की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही शिकायत में सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार और स्टेट ऑफ पंजाब बनाम दविंदर पाल सिंह भुल्लर मामलों के फैसलों का हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता ने इन कानूनी संदर्भों के आधार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों से कथित संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल करने की मांग की है।
आपराधिक मामलों और पुलिस दबिश का भी किया उल्लेख
शिकायत में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके खिलाफ हत्या और गैंगस्टर एक्ट सहित 38 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, शिकायत और उससे जुड़े दावों के मुताबिक, पुलिस एवं एसआईटी की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए बरेली, हल्द्वानी समेत छह से अधिक ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके अलावा नैनीताल हाईकोर्ट में एफआईआर निरस्त कराने के लिए दायर याचिका संख्या WPCRL/2167/2026 का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस याचिका पर तत्काल राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने जांच एजेंसियों के समक्ष शिकायत का दायरा बढ़ाया है।
संपत्तियों, बैंक खातों और विभागीय कामकाज की जांच की मांग
शिकायतकर्ता मंसा राम उनियाल ने ED और CBI से कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति के स्रोत, स्वामित्व और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच करने की मांग की है। इसके साथ ही संबंधित संपत्तियों, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल कर नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की गई है। वहीं, महिला एवं बाल विकास विभाग में कथित वित्तीय अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच सतर्कता विभाग और लोकायुक्त से कराने की मांग भी शिकायत में की गई है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और जांच एजेंसियों की ओर से निष्कर्ष सामने आना बाकी है।




