
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। रेखा आर्या के गंभीर आरोपों के बाद अब गिरधारी लाल साहू ने भी वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। कार में बैठे और नेकर पहने नजर आ रहे साहू ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग को भी फर्जी बताते हुए दावा किया कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है।
गिरधारी लाल साहू ने की FIR वापस लेने की अपील
वीडियो में गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या से एफआईआर वापस लेने और अपना बयान बदलने की अपील की। उन्होंने सोमेश्वर क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए दावा किया कि उन्होंने करीब 17 साल तक रेखा आर्या के राजनीतिक सफर में मदद की। साहू के मुताबिक, वह चुनाव के दौरान उनके लिए प्रचार करने और लोगों से वोट मांगने जैसे काम करते रहे हैं।
रेखा आर्या पर लगाए ₹210 करोड़ की संपत्ति के आरोप
गिरधारी लाल साहू ने वीडियो में मंत्री रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि रेखा आर्या के पास 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले में न्याय करने की अपील की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वीडियो में इन आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
रेखा आर्या ने वीडियो जारी कर लगाए थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने पति पर मारपीट, धमकी, जालसाजी और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है। मंत्री ने अपने पति से जुड़ी बातचीत के दो कथित ऑडियो भी साझा किए थे। इनमें गिरधारी लाल साहू और कल्पना मिश्रा, जिन्हें कल्पना चतुर्वेदी के नाम से भी जाना जाता है, के बीच बातचीत होने का दावा किया गया। वहीं, साहू ने इन ऑडियो को फर्जी और AI से तैयार बताया है। ऐसे में मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। आरोपों और ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि संबंधित जांच के आधार पर ही हो सकेगी।




