उत्तराखंड में 16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना, एक दिसंबर से जनगणना अभियान

उत्तराखंड में आगामी जनगणना की तैयारियों को लेकर शासन स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को पीपलकोटी में सचिव, संस्कृति, शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग दीपक कुमार की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना की तैयारियों के साथ शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। सचिव ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध तैयारी के निर्देश दिए।
16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना की प्रक्रिया
सचिव दीपक कुमार ने बताया कि प्रदेश में 16 नवंबर से स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद एक दिसंबर से चार जनवरी तक जनगणना का कार्य संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्व-गणना की प्रक्रिया और उसके महत्व के बारे में आमजन को जागरूक किया जाए। अधिक से अधिक लोगों को स्वयं अपनी गणना संबंधी जानकारी दर्ज करने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया। सचिव ने कहा कि जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जाएं।
सरकारी कार्यालयों में संस्कृत में लगेंगी नाम पट्टिकाएं
बैठक में सचिव ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को अपने-अपने कार्यालयों में द्वितीय राजकीय भाषा संस्कृत में नाम पट्टिकाएं लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और भाषायी विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के लिए यह महत्वपूर्ण पहल है। सभी संबंधित कार्यालयों में इसका प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए।
एकीकृत कृषि मॉडल विकसित करने पर जोर
कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान सचिव ने कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को आपस में जोड़कर एकीकृत कृषि मॉडल विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप कृषि आधारित गतिविधियों को एक साथ जोड़ने से किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा।
महिला स्वयं सहायता समूहों को सीएससी से जोड़ने के निर्देश
महिला सशक्तीकरण को लेकर सचिव ने महिला स्वयं सहायता समूहों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया। महिलाओं को स्वरोजगार और सेवा आधारित गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।
बालिका शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव पर सख्ती
शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सचिव ने विद्यालयों में बालिका शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को स्कूलों में स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।
जन औषधि केंद्रों को बढ़ावा देने पर जोर
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान सचिव ने जन औषधि केंद्रों को प्रोत्साहित करने और आमजन तक सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और आम लोगों को इन सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारने और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए।




