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भारी बर्फबारी के बीच केदारनाथ पहुंची Gen-Z टीम, डॉ. आरुषि निशंक की Kedar Drive 2026 से दिया स्वच्छ हिमालय का संदेश

उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी और चुनौतीपूर्ण मौसमी परिस्थितियों के बीच युवाओं ने स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। डॉ. आरुषि निशंक की पहल Youth4 Rising Bharat – Kedar Drive 2026 के तहत पहुंची युवाओं की टीम ने केदारनाथ धाम परिसर में सफाई अभियान चलाया। इस दौरान युवाओं ने स्वच्छ हिमालय, धार्मिक स्थलों की पवित्रता और जिम्मेदार पर्यटन को लेकर लोगों को जागरूक किया। खास बात यह रही कि मौसम की कठिन परिस्थितियों और भारी बर्फबारी के बावजूद युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। टीम ने अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया कि हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

भारी बर्फबारी के बीच केदारनाथ पहुंची Gen-Z की टीम

Kedar Drive 2026 के अंतर्गत युवाओं ने केदारनाथ धाम पहुंचकर परिसर में स्वच्छता अभियान संचालित किया। बर्फ से ढके वातावरण और कठिन मौसमी परिस्थितियों के बीच युवाओं ने सफाई कार्य में भागीदारी निभाई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जिम्मेदार बनाना है। अभियान से जुड़े युवाओं ने स्वच्छता को केवल एक दिन की गतिविधि न मानकर नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

धारी देवी मंदिर में भी चलाया स्वच्छता अभियान

केदारनाथ धाम पहुंचने से एक दिन पहले युवाओं की टीम ने श्रीनगर गढ़वाल स्थित प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर परिसर में भी स्वच्छता अभियान चलाया था। इस तरह अभियान के दौरान उत्तराखंड के दो महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर सफाई और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। टीम ने धार्मिक आस्था के केंद्रों को स्वच्छ बनाए रखने के साथ ही आसपास के प्राकृतिक वातावरण के संरक्षण पर जोर दिया। युवाओं ने लोगों से अपील की कि तीर्थयात्रा के दौरान प्लास्टिक और अन्य कचरा इधर-उधर न फेंकें तथा पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार अपनाएं।

शिवराज सिंह चौहान ने दिखाई थी Kedar Drive 2026 को हरी झंडी

Youth4 Rising Bharat – Kedar Drive 2026 की शुरुआत नई दिल्ली से हुई थी। इस पहल को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। दिल्ली से शुरू हुई इस यात्रा के अंतर्गत युवाओं की टीम ने उत्तराखंड के विभिन्न पड़ावों से होते हुए केदारनाथ धाम तक का सफर तय किया। यात्रा का उद्देश्य युवाओं को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों से जोड़ना रहा।

सारा अली खान ने भी की युवाओं के प्रयासों की सराहना

केदारनाथ धाम में आयोजित इस स्वच्छता अभियान को अभिनेत्री सारा अली खान का भी समर्थन मिला। उन्होंने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए युवाओं के समर्पण और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस समर्थन के माध्यम से स्वच्छता, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और सामाजिक कार्यों में युवाओं की भागीदारी जैसे विषयों को व्यापक स्तर पर सामने लाने का प्रयास किया गया।

डॉ. आरुषि निशंक ने पूरी टीम को दी बधाई

इस पहल की सूत्रधार डॉ. आरुषि निशंक ने भारी बर्फबारी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच केदारनाथ धाम पहुंचकर स्वच्छता अभियान चलाने वाली पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने इस अभियान को युवाओं की ऊर्जा और राष्ट्र सेवा की भावना से जोड़ने वाली पहल बताया। उनका कहना है कि Kedar Drive 2026 का उद्देश्य युवाओं को केवल जागरूक करना नहीं, बल्कि उन्हें स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भागीदार बनाना है। भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के साथ हिमालय की प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

स्वच्छ हिमालय और जिम्मेदार पर्यटन का दिया संदेश

इस अभियान के माध्यम से युवाओं को यह समझाने का प्रयास किया गया कि धार्मिक पर्यटन के दौरान पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का पालन करना बेहद जरूरी है। केदारनाथ जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ती तीर्थयात्रा के बीच स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण विशेष महत्व रखता है। अभियान का उद्देश्य युवाओं को स्वच्छ भारत मिशन की भावना, जनभागीदारी और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ना भी है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा के लिए भी शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। कुल मिलाकर, Youth4 Rising Bharat – Kedar Drive 2026 के माध्यम से युवाओं ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि आस्था के केंद्रों की पवित्रता बनाए रखने के साथ हिमालय के पर्यावरण की रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। यदि युवा पीढ़ी स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ आगे आए, तो देवभूमि की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

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