
देहरादून: राजधानी देहरादून में छठ महोत्सव को भव्य और व्यवस्थित रूप से मनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में शिवबालयोगी आश्रम में बिहारी महासभा की ओर से एक विशाल आमसभा आयोजित की गई। बैठक में छठ घाटों की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह ने की, जबकि संचालन सचिव चंदन कुमार झा ने किया। इस दौरान सदस्यों ने प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से पर्व को बेहतर ढंग से आयोजित करने पर जोर दिया।
13 से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा छठ पर्व
महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह ने बताया कि इस वर्ष छठ पर्व के प्रमुख अनुष्ठान 13 से 16 नवंबर तक आयोजित होंगे। 13 नवंबर को नहाय-खाय, 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ जल, बैरिकेडिंग और सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। महिला श्रद्धालुओं के लिए कपड़े बदलने की अलग व्यवस्था करने पर भी सहमति बनी। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए युवाओं की स्वयंसेवक टीम गठित की जाएगी। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
10 नवंबर को होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम
छठ महोत्सव के तहत मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम 10 नवंबर 2026 को गढ़ी कैंट स्थित हरबंस कपूर मेमोरियल सभागार में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में बिहार की लोक गायिका देवी सिंह अपने 20 सहयोगी कलाकारों के साथ छठ गीत, भजन और झांकियां प्रस्तुत करेंगी। इस आयोजन के जरिए देहरादून में बिहार और पूर्वांचल की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और छठ पर्व की आस्था की झलक देखने को मिलेगी।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा निमंत्रण
बिहारी महासभा ने कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए औपचारिक निमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे। महासभा के सचिव चंदन कुमार झा ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए चंदा संग्रह शुरू कर दिया गया है। साथ ही, छठ घाटों को प्लास्टिक मुक्त रखने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है। बैठक के समापन पर अध्यक्ष ललन सिंह ने सभी सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि छठ महोत्सव देहरादून में आस्था, एकता और बिहार की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनेगा। बैठक का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ।




