
देहरादून: उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरने के लिए आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद पार्टी ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति बनाई है। शुरुआती कार्यक्रमों में 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी न्याय यात्रा, 27 अक्टूबर को भराड़ीसैंण विधानसभा का घेराव और 4 नवंबर को जमीनों से जुड़े मामलों के विरोध में प्रदर्शन शामिल हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), अंकिता भंडारी हत्याकांड, जमीनों की बिक्री और कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को जनता के सामने उठाएगी। पार्टी इन विषयों को लेकर सड़क से सदन तक सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है।
22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में निकलेगी न्याय यात्रा
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा के मुताबिक, पार्टी 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकालेगी। इसके माध्यम से कांग्रेस विभिन्न जन मुद्दों को लेकर लोगों के बीच पहुंचेगी। पार्टी की योजना है कि यात्रा राज्य की सभी विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक उसका संदेश पहुंचाया जा सके। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की इस यात्रा में भागीदारी रहेगी। पार्टी का कहना है कि यात्रा के दौरान प्रदेश से जुड़े प्रमुख मुद्दों को उठाया जाएगा और लोगों को उनके बारे में जानकारी दी जाएगी।
SIR के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग को घेरने की तैयारी
कुमारी शैलजा ने कहा कि देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चर्चा हो रही है। कांग्रेस इस प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर भी आंदोलन कर रही है। उत्तराखंड कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली रैली में शामिल होंगे। शैलजा के अनुसार, इससे पहले 12 अक्टूबर को दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शन में भी प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया था।
27 अक्टूबर को भराड़ीसैंण विधानसभा का घेराव
कांग्रेस ने 27 अक्टूबर को भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन के घेराव का कार्यक्रम भी तय किया है। पार्टी गैरसैंण में होने वाले दो दिवसीय विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रही है। कुमारी शैलजा के अनुसार, कांग्रेस चाहती है कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सहमति रखने वाले लोग भी इस प्रदर्शन में भाग लें। पार्टी का आरोप है कि विधानसभा सत्र के दौरान जनता के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं होती। कांग्रेस इन सवालों को सड़क के साथ सदन में भी उठाने की बात कह रही है। पार्टी ने संकेत दिया है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा भी विधानसभा सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस मामले में कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रही है और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राजनीतिक स्तर पर अभियान चला रही है।
जमीनों की बिक्री और कथित घोटालों के खिलाफ 4 नवंबर को प्रदर्शन
उत्तराखंड में जमीनों की बिक्री, नीलामी और कथित भूमि घोटालों को लेकर भी कांग्रेस ने आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, 4 नवंबर को प्रदेश के जिला मुख्यालयों और राज्य मुख्यालय में विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। कुमारी शैलजा ने कहा कि जिन जमीनों की बिक्री या नीलामी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, कांग्रेस उन मामलों को लेकर विरोध दर्ज कराएगी। पार्टी संबंधित जमीनों पर धरना देने की भी योजना बना रही है। कांग्रेस इन मुद्दों के जरिए प्रदेश में भूमि संबंधी मामलों और कथित अनियमितताओं को जनता के सामने लाना चाहती है। हालांकि, जिन मामलों में घोटाले के आरोप लगाए जा रहे हैं, उनमें आरोपों और जांच से स्थापित तथ्यों के बीच अंतर किया जाना जरूरी है।
नवंबर और दिसंबर में भी जारी रहेंगे कार्यक्रम
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि अक्टूबर और नवंबर के शुरुआती कार्यक्रमों के बाद नवंबर तथा दिसंबर में भी विभिन्न आंदोलन और जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा संगठन स्तर पर तैयार की जाएगी। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की यह रणनीति राज्य के प्रमुख राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर सक्रियता बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। पार्टी की आगामी यात्राओं, प्रदर्शनों और विधानसभा घेराव के जरिए यह स्पष्ट होगा कि वह इन मुद्दों को प्रदेशव्यापी अभियान में किस तरह आगे बढ़ाती है।




