
देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी बयानबाजी तेज होने लगी है। नेताओं के दल बदलने और राजनीतिक विचारधारा को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान के ‘गधे-घोड़े’ वाले बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पलटवार किया है। गोदियाल ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मथुरा दत्त जोशी का नाम लेते हुए कटाक्ष किया और कहा कि इस बयान के संदर्भ में उनसे ही पूछना उचित होगा कि वे किस श्रेणी में आते हैं।
मनवीर चौहान ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले नेताओं पर क्या कहा?
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के राजनीतिक विचारों को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने भाजपा को विचारधारा आधारित पार्टी बताते हुए कहा कि पार्टी में आने के बाद नेताओं के विचारों में सुधार होता है। मनवीर चौहान ने अपने बयान में कहा, “अगर कांग्रेस पार्टी में वो गधे-घोड़े थे या फिर उनके विचार गधे-घोड़ों जैसे थे, भाजपा में आकर सबके विचार सुधर जाते हैं। भाजपा एक विचार आधारित पार्टी है। यहां पर आकर सबके विचार अच्छे हो जाते हैं, जबकि कांग्रेस में जाकर लूले और लंगड़े विचार हो सकते हैं।” उनके इस बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
गणेश गोदियाल बोले- ऐसी हल्की बातों का जवाब देना उचित नहीं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सामान्य तौर पर पार्टी अध्यक्ष के रूप में वे इस तरह की टिप्पणियों पर जवाब देना उचित नहीं समझते। हालांकि, जब सत्तारूढ़ दल के प्रदेश मीडिया प्रभारी की ओर से ऐसा बयान दिया गया है, तो वे इस पर अपनी प्रतिक्रिया देना चाहते हैं। गोदियाल ने कहा कि मनवीर चौहान के बयान के संदर्भ में सबसे उपयुक्त व्यक्ति मथुरा दत्त जोशी हो सकते हैं, जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मथुरा दत्त जोशी से पूछा जाना चाहिए कि बयान में इस्तेमाल की गई श्रेणियों में वे खुद को कहां रखते हैं।
मथुरा दत्त जोशी का नाम लेकर भाजपा पर कांग्रेस का तंज
गणेश गोदियाल ने कहा कि मथुरा दत्त जोशी इस सवाल का जवाब खुद दे सकते हैं, क्योंकि वे कांग्रेस से भाजपा में गए नेताओं में शामिल हैं। गोदियाल के मुताबिक, मथुरा दत्त जोशी इन दिनों कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं की ओर से पक्ष रखते दिखाई देते हैं, इसलिए वे ही बता सकते हैं कि मनवीर चौहान के बयान को किस तरह समझा जाए। गोदियाल ने कहा, “कांग्रेस से आए हुए लोगों के लिए गधे-घोड़े की बात कही गई है। इसके लिए मुफीद व्यक्ति मथुरा दत्त जोशी हैं।” उनकी इस प्रतिक्रिया को भाजपा के बयान पर कांग्रेस के राजनीतिक पलटवार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, यह पूरा विवाद दोनों नेताओं की सार्वजनिक टिप्पणियों और उनके राजनीतिक संदर्भ से जुड़ा है।
2027 चुनाव से पहले दल-बदल और बयानबाजी पर बढ़ी चर्चा
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने लगे हैं। दल बदलने वाले नेताओं की भूमिका, उनकी विचारधारा और नए दल में उनकी राजनीतिक स्थिति जैसे मुद्दे बयानबाजी का हिस्सा बन रहे हैं। मनवीर चौहान की टिप्पणी और गणेश गोदियाल के जवाब ने इसी सियासी बहस को आगे बढ़ाया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में दोनों दलों के नेता इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और चुनाव से पहले दल-बदल की राजनीति किस तरह चर्चा में रहती है।




