उत्तराखंड समेत 5 राज्यों में चुनाव की तैयारी तेज, 15 दिसंबर के बाद हो सकता है तारीखों का ऐलान

देश में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है। चुनावी राज्यों में प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, ईवीएम की जांच और सुरक्षा बलों की तैनाती जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली जा रही है। चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, यदि तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी होती हैं, तो 15 दिसंबर 2026 के बाद पांचों राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो सकता है। हालांकि, चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा निर्वाचन आयोग की ओर से ही की जाएगी।
अक्टूबर-नवंबर में चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगी टीमें
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए निर्वाचन आयोग की वरिष्ठ अधिकारियों की टीमें संबंधित राज्यों में तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं। योजना के अनुसार, 15 नवंबर तक अधिकारियों के स्तर पर सभी पांच राज्यों की चुनावी तैयारियों का आकलन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में अधिकारियों की टीमों के दौरे अक्टूबर में पूरे किए जाने की योजना है। वहीं, उत्तर प्रदेश का आकार और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की व्यापकता देखते हुए आयोग की टीम नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में वहां का दौरा कर सकती है। राज्यों से प्राप्त रिपोर्टों की समीक्षा के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के भी पांचों राज्यों का दौरा करने की संभावना है। इन दौरों और तैयारियों की समीक्षा के बाद ही चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। तारीखों की घोषणा के साथ संबंधित राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।
देहरादून में दो दिवसीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को परखने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की टीम देहरादून पहुंची। राजपुर रोड स्थित एक प्रमुख होटल में आयोजित दो दिवसीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक मंगलवार को संपन्न हुई। बैठक में राज्य के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने चुनाव से संबंधित तैयारियों की जानकारी आयोग के सामने रखी। आयोग के प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग, मीडिया महानिदेशक आशीष गोयल, आईटी महानिदेशक डॉ. सीमा खन्ना और उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम शामिल रहे। इसके अलावा कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, आईजी निलेश आनंद भरणे, कुमाऊं आईजी नवेदिता कुकरेती, गढ़वाल प्रभारी आईजी विम्मी सचदेवा, स्टेट पुलिस नोडल आईजी कृष्ण कुमार वीके और अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोदंडे समेत सभी जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बैठक में मौजूद रहे।
EVM की जांच से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक की समीक्षा
बैठक के पहले दिन जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईवीएम नोडल अधिकारियों के साथ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच यानी EVM-FLC को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और निर्धारित मानकों के अनुरूप मशीनों की जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। दूसरे दिन सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में चुनावी तैयारियों का प्रेजेंटेशन दिया। पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और चुनाव के दौरान पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती से संबंधित योजनाएं प्रस्तुत कीं। बैठक में चुनाव के दौरान अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर भी चर्चा हुई। शराब, नकदी, मादक पदार्थों और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बांटे जाने वाले मुफ्त सामान की आवाजाही रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की 21 से अधिक एजेंसियों ने अपनी कार्ययोजना साझा की। इनमें अर्धसैनिक बलों के साथ आबकारी, जीएसटी, परिवहन, वन विभाग, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और कस्टम विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल रहे।
‘इलेक्शन प्लानर’ के अनुसार समय पर काम पूरा करने के निर्देश
उत्तराखंड में अब तक हुई तैयारियों और अधिकारियों की ओर से दिए गए प्रस्तुतिकरण पर निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने संतोष जताया। इसके साथ ही निर्देश दिए गए कि चुनाव से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और तय ‘इलेक्शन प्लानर’ के अनुसार पूरे किए जाएं। चुनाव के दौरान मतदाता सूची, मतदान केंद्रों, ईवीएम, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र से जुड़े इंतजामों की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में आयोग की समीक्षा का उद्देश्य इन व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करना और चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने की तैयारी सुनिश्चित करना है। दो दिवसीय बैठक के बाद उत्तराखंड का प्रशासनिक और पुलिस तंत्र आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटा दिखाई दे रहा है। हालांकि, चुनाव की तारीखों और कार्यक्रम को लेकर अंतिम स्थिति निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
ECINet और मतदाता सूची को लेकर उठे सवालों के बीच सीमा खन्ना की मौजूदगी
देहरादून में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्वाचन आयोग की आईटी महानिदेशक डॉ. सीमा खन्ना भी शामिल रहीं। उनकी मौजूदगी ऐसे समय में चर्चा का विषय है, जब विपक्षी दल मतदाता सूची के प्रबंधन और आयोग की डिजिटल प्रणालियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों, जिनमें तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के नेता शामिल हैं, ने ECINet डिजिटल प्लेटफॉर्म और मतदाता सूची के प्रबंधन को लेकर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर अधिकृत निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की भूमिका और निर्णय लेने की व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट रहनी चाहिए। कुछ विपक्षी नेताओं ने डिजिटल प्रणाली के माध्यम से मतदाता डेटा में संभावित हेरफेर की आशंका भी जताई है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से इस मामले में शिकायतें दर्ज कराए जाने तथा जांच की मांग किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि और किसी भी संभावित अनियमितता पर निष्कर्ष संबंधित जांच या आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जा सकता है।बैठक में डॉ. सीमा खन्ना की भूमिका चुनावी तैयारियों में डिजिटल प्रणालियों के इस्तेमाल से जुड़ी रही। अब आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता, तकनीकी पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दे भी राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रह सकते हैं।
उत्तराखंड में चुनावी तैयारियों पर बढ़ेगी निगरानी
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग की समीक्षा बैठक को राज्य की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले हफ्तों में मतदाता सूची, मतदान केंद्रों, ईवीएम की जांच, संवेदनशील क्षेत्रों और सुरक्षा बलों की तैनाती से जुड़े इंतजामों पर निगरानी और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, पांचों राज्यों में चुनाव कार्यक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। लेकिन तारीखों का अंतिम निर्धारण और आदर्श आचार संहिता लागू होने का समय निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगा।




