उत्तराखंड

उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता पर सरकार सख्त, अक्टूबर अंत तक आवेदन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई

देहरादून: उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता को लेकर राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने बताया कि प्रदेश में 452 मदरसों के संबंध में चल रही कार्रवाई के बीच अब तक 35 मदरसों को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और 76 मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिल चुकी है। सरकार ने शेष मदरसों की मान्यता प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री खजान दास ने अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मदरसों की मान्यता, निर्माणाधीन योजनाओं और सरकारी धनराशि के उपयोग की स्थिति का जायजा लिया। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन और मान्यता से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाए।

अक्टूबर के अंत तक करीब 190 मदरसों को मान्यता मिलने की उम्मीद

मंत्री खजान दास के अनुसार, आवेदन करने वाले 114 मदरसों को अक्टूबर 2026 के अंत तक शिक्षा विभाग से मान्यता मिलने की उम्मीद है। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है, तो महीने के अंत तक करीब 190 मदरसों को मान्यता मिल सकती है। उन्होंने बताया कि 227 मदरसे बंद हो चुके हैं। साथ ही, जिन मदरसों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें निर्धारित समयसीमा में प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अक्टूबर के अंत तक आवेदन नहीं करने वाले मदरसों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मान्यता से जुड़े आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और संबंधित संस्थानों की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की योजनाओं को 15 दिसंबर से पहले पूरा करने के निर्देश

बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत चल रही निर्माणाधीन और जनकल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं को 15 दिसंबर 2026 से पहले पूरा किया जाना है, उनके निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों कराया जाना प्रस्तावित है। इसलिए निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम पूरा कराएं। इसके अलावा, जिन योजनाओं का शिलान्यास 15 नवंबर 2026 से पहले किया जाना है, उनकी तैयारियां भी समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि तय कार्यक्रम के अनुसार शिलान्यास और लोकार्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

खर्च नहीं हुई सरकारी धनराशि लौटाने के निर्देश

समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं के लिए जारी बजट के उपयोग की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मंत्री खजान दास ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों के लिए धनराशि जारी की गई थी, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पाया है, वहां शेष अप्रयुक्त धनराशि नियमानुसार वापस की जाए। उन्होंने कहा कि वापस की गई राशि का उपयोग प्रदेश की अन्य प्रस्तावित विकास योजनाओं में किया जा सकेगा। इसके लिए अधिकारियों को बजट के उपयोग और परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी करने को कहा गया। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ-साथ आवंटित धनराशि का उचित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

मान्यता प्रक्रिया और विकास योजनाओं पर सरकार का जोर

उत्तराखंड सरकार की इस समीक्षा बैठक में मदरसों की मान्यता, विभागीय निर्माण कार्यों की समयसीमा और सरकारी बजट के उपयोग को प्रमुखता दी गई। एक ओर मदरसों से निर्धारित समय में आवेदन करने की अपेक्षा की गई है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों को मान्यता संबंधी प्रक्रिया पूरी करने और निर्माणाधीन योजनाओं को समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अब मान्यता के लिए लंबित आवेदनों के निस्तारण, अक्टूबर के अंत तक आवेदन की स्थिति और दिसंबर से पहले निर्धारित विकास कार्यों की प्रगति पर नजर रहेगी। संबंधित संस्थानों और विभागों के लिए आगे की कार्रवाई लागू नियमों और तय समयसीमा के अनुसार होगी।

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