उत्तराखंडहरिद्वार

जेल से रिहा होते ही उर्मिला सनावर हिरासत में, देहरादून पुलिस और SOG ने की कार्रवाई

हरिद्वार जिला कारागार से रिहाई मिलने के बाद उर्मिला सनावर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गईं। दो अलग-अलग मुकदमों में जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को जैसे ही वह जेल से बाहर निकलीं, पहले से तैनात देहरादून पुलिस और एसओजी (SOG) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जेल से बाहर आने के कुछ ही मिनटों के भीतर हुई इस कार्रवाई ने चर्चित प्रकरण को एक नया मोड़ दे दिया है। उर्मिला सनावर की रिहाई के लिए पिछले कुछ समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। दोनों मामलों में जमानत मिलने और अदालत से रिहाई के आदेश जारी होने के बाद उनके परिजनों और समर्थकों को उम्मीद थी कि अब उन्हें राहत मिल जाएगी। हालांकि, जेल के मुख्य द्वार पर पहले से मौजूद पुलिस टीम की कार्रवाई के चलते उनकी रिहाई के बाद भी वह स्वतंत्र रूप से बाहर नहीं रह सकीं। पुलिस उन्हें अपने साथ देहरादून ले गई, जहां एसओजी कार्यालय में पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

दो मुकदमों में मिली थी जमानत

उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की ओर से दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इनमें एक मामला करीब दो वर्ष पुराना बताया जा रहा है। इन दोनों मामलों में जमानत मिलने के बाद ही उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ। बीती 2 नवंबर को अदालत ने मुख्य मामले में उर्मिला सनावर की जमानत मंजूर कर दी थी। हालांकि, उपयुक्त जमानती उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण उनकी रिहाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी। इसके बाद उनकी अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने दूसरे, करीब दो साल पुराने मुकदमे में भी जमानत की पैरवी की और उसमें भी राहत हासिल की। कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों मुकदमों से संबंधित जमानती और जरूरी दस्तावेज गुरुवार को न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। अदालत में दस्तावेजों के सत्यापन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिहाई के परवाने जारी किए गए। ये आदेश शुक्रवार को हरिद्वार जिला कारागार पहुंचे, जिसके बाद जेल प्रशासन ने रिहाई की प्रक्रिया पूरी की।

जेल प्रशासन ने नियमानुसार रिहाई की पुष्टि की

हरिद्वार जिला कारागार के अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि न्यायालय से प्राप्त रिहाई आदेशों और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उर्मिला सनावर को शुक्रवार को नियमानुसार जेल से रिहा कर दिया गया। उर्मिला की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने भी मीडिया से बातचीत में उनकी जेल से रिहाई की पुष्टि की। दो मुकदमों में जमानत मिलने के बाद जब उर्मिला जेल से बाहर आईं तो उनके समर्थकों और परिजनों को उम्मीद थी कि अब उन्हें बड़ी कानूनी राहत मिल गई है। लेकिन जेल के मुख्य द्वार पर मौजूद देहरादून पुलिस की टीम ने कुछ ही देर में पूरे घटनाक्रम को बदल दिया।

जेल के बाहर पहले से तैनात थी देहरादून पुलिस की टीम

जानकारी के मुताबिक, जैसे ही उर्मिला सनावर हरिद्वार जिला कारागार के मुख्य द्वार से बाहर निकलीं, वहां पहले से मौजूद देहरादून पुलिस और एसओजी की टीम ने उन्हें रोक लिया। पुलिस अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया और उन्हें अपने साथ ले जाने की कार्रवाई की। इसके बाद पुलिस टीम उर्मिला को वाहनों के जरिए देहरादून ले गई। बताया जा रहा है कि उन्हें सीधे देहरादून स्थित एसओजी कार्यालय पहुंचाया गया, जहां वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पूछताछ के विषय और पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

रिहाई के तुरंत बाद हिरासत से मामले ने लिया नया मोड़

दो मुकदमों में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आते ही उर्मिला सनावर को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई ने इस पूरे प्रकरण को फिर चर्चा में ला दिया है। जेल परिसर के बाहर मौजूद लोगों और समर्थकों के बीच भी अचानक हुई इस कार्रवाई को लेकर हलचल देखने को मिली। इस घटनाक्रम के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे केंद्रीय गृह मंत्री के देहरादून दौरे से जोड़कर भी देख रहे हैं, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। वहीं, देहरादून पुलिस ने उर्मिला को हिरासत में लेने के कारणों को लेकर अभी तक विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई देहरादून जिले में दर्ज किसी अन्य पुराने मुकदमे या जांच से संबंधित हो सकती है। हालांकि, जब तक पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की जाती, तब तक कार्रवाई के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा सकती। फिलहाल उर्मिला सनावर से देहरादून स्थित एसओजी कार्यालय में पूछताछ किए जाने की जानकारी है। अब सबकी नजर पुलिस के आधिकारिक बयान और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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