
देहरादून: आशारोड़ी से आईएसबीटी जाने वाले मार्ग पर मोहब्बेवाला में हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पटेल नगर थाना पुलिस ने सड़क के संचालन और रखरखाव से जुड़े भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दोनों विभागों पर सड़क पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं करने और कथित लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। हादसे के बाद दर्ज मुकदमे ने इस मार्ग पर लंबे समय से उठ रहे सड़क सुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।
चार लोगों की मौत के बाद NHAI और PWD के खिलाफ FIR
जानकारी के मुताबिक, पटेल नगर थाना क्षेत्र के मोहब्बेवाला में बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वाहन संख्या UK07FR-6780 और ट्रेलर संख्या NL-01AA-2485 के बीच भीषण दुर्घटना हुई थी। इस हादसे में कार चालक सहित एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई थी। वहीं, कार में सवार छह वर्षीय बच्चे को पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया था। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सड़क की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने वाले विभागों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। पटेल नगर पुलिस ने आईएसबीटी चौकी प्रभारी जयवीर सिंह की शिकायत के आधार पर NHAI और PWD के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 125(ए), 125(बी) और 281 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर में दोनों विभागों को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।
सड़क पर गड्ढे और सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल
मोहब्बेवाला में हुए हादसे के बाद सड़क की स्थिति और वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत के अनुसार, नवनिर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-72ए पर सुरक्षित और सुचारू यातायात के लिए जरूरी व्यवस्थाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं थीं। आरोप है कि मार्ग पर पर्याप्त संकेतक बोर्ड, यातायात चिह्न, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और सड़क किनारे बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों के लिए खतरा बना रहता है। मोहब्बेवाला क्षेत्र में सड़क पर अचानक आने वाले मोड़ और ढलान भी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ाते हैं। ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों को पहले से सावधान करने के लिए स्पष्ट संकेतक और चेतावनी व्यवस्था जरूरी होती है। लेकिन शिकायत में दावा किया गया है कि इस मार्ग पर जरूरी सुरक्षा उपायों की कमी बनी हुई है।
पहले भी उठाए गए थे सड़क सुरक्षा के मुद्दे
इस मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं किया गया। शिकायत के अनुसार, सड़क पर हादसों और सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर संबंधित विभागों को पहले भी कई बार जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए। सड़क किनारे बने गड्ढों को ठीक करने, पर्याप्त संकेतक लगाने, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड स्थापित करने तथा रात में बेहतर रोशनी की व्यवस्था करने जैसे कार्यों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।स्थानीय स्तर पर लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं ने इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब चार लोगों की मौत के बाद पुलिस ने विभागीय अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि पहले मिली शिकायतों पर संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की थी और सड़क पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
उपनिरीक्षक मुकेश थलेड़ी को सौंपी गई जांच
पटेल नगर थाना पुलिस ने आईएसबीटी चौकी प्रभारी जयवीर सिंह की शिकायत के आधार पर NHAI और PWD के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। इस प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक मुकेश थलेड़ी को सौंपी गई है। पुलिस अब हादसे वाले स्थान की सड़क की स्थिति, निर्माण और रखरखाव से जुड़े पहलुओं तथा उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच करेगी। इसके साथ ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। यह भी जांच का हिस्सा होगा कि सड़क पर पहले हुई दुर्घटनाओं और विभागों को दी गई शिकायतों के बावजूद सुरक्षा उपायों को लेकर क्या कदम उठाए गए थे।मोहब्बेवाला हादसे में चार लोगों की मौत के बाद दर्ज इस मुकदमे से अब NHAI और PWD की जिम्मेदारी तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे में किन स्तरों पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।




