
उत्तराखंड में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को हुए बद्रीनाथ हेलिकॉप्टर हादसे के बाद विमानन विभाग एक्शन मोड में आ गया है। बद्रीनाथ से देहरादून आ रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में पायलट समेत छह लोगों की जान चली गई। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। वहीं, एहतियाती कदम उठाते हुए ट्रांस भारत एविएशन के पूरे हेलिकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर रोक लगा दी गई है।
ट्रांस भारत एविएशन के पूरे हेलिकॉप्टर बेड़े को किया गया ग्राउंड
हेलिकॉप्टर हादसे के बाद सुरक्षा के मद्देनजर ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलिकॉप्टरों को ग्राउंड कर दिया गया है। कंपनी के बाकी हेलिकॉप्टरों की उड़ानें भी फिलहाल रोक दी गई हैं। इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। वहीं, शनिवार को उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है। बैठक में हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा की जाएगी।
सुबह पांच बजे दोबारा शुरू किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे का स्थान दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों वाला इलाका है। यहां हिमालयन भालू की गतिविधियां भी अधिक बताई जाती हैं, जिससे बचाव अभियान में चुनौतियां सामने आईं। अंधेरा और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के चलते शुक्रवार रात करीब आठ बजे के बाद राहत एवं बचाव अभियान रोकना पड़ा। इसके बाद शनिवार सुबह पांच बजे रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया। हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के शव घाटी में थे। उन्हें सेना की मदद से बाहर निकालने का अभियान चलाया गया।
AAIB करेगा हेलिकॉप्टर हादसे की जांच
हादसे की गंभीरता को देखते हुए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (Aircraft Accident Investigation Bureau-AAIB) की जांच अहम होगी। भारत में नागरिक विमानन दुर्घटनाओं की जांच के लिए AAIB अधिकृत एजेंसी है। जांच के दौरान दुर्घटनास्थल, हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति और उड़ान से जुड़े उपलब्ध रिकॉर्ड सहित विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा




