
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ने का मामला सामने आया है। कनखल कोतवाली क्षेत्र में एक हार्डवेयर दुकानदार ने कांग्रेस नेता वरुण बालियान और उनके समर्थकों पर दुकान में घुसकर पाइप और रॉड से मारपीट करने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, दुकानदार की पत्नी और बेटे के साथ भी मारपीट की गई और दुकान का सामान बिखेर दिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कांग्रेस नेता समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दुकान में घुसकर मारपीट करने का आरोप
आरके मिशन रोड स्थित रविदास मंदिर निवासी कृष्ण नारायण सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे वह अपनी हार्डवेयर की दुकान पर काम कर रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता वरुण बालियान, हिमांशु राजपूत, दिव्यांश अग्रवाल, विवेक भूषण, राहुल चौधरी और राहुल शर्मा समेत करीब 20 से 25 लोग कथित तौर पर दुकान में पहुंच गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने पाइप और रॉड से उन पर हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी पत्नी गीता रानी और बेटे भानु प्रताप के साथ भी मारपीट की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इस दौरान गाली-गलौज की गई, गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई और दुकान का सामान इधर-उधर बिखेर दिया गया। घटना के बाद कृष्ण नारायण सिंह कनखल कोतवाली पहुंचे और पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के धरने से जुड़ा है विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में शिक्षेत्तर कर्मचारियों का धरना चल रहा है। बताया गया है कि कांग्रेस नेता वरुण बालियान भी धरने को समर्थन देने पहुंचे थे। इसी दौरान कृष्ण नारायण सिंह ने फेसबुक पर एक टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद शुरू होने की बात कही जा रही है। आरोप है कि टिप्पणी से नाराज वरुण बालियान और उनके समर्थकों ने विरोध जताया। विवाद बढ़ने पर कृष्ण नारायण सिंह ने धरने के दौरान ही माफी भी मांग ली थी। हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बावजूद रविवार को कांग्रेस नेता और उनके समर्थक उनकी दुकान पर पहुंचे, जहां मारपीट की गई।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
कनखल कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है। फिलहाल, मामले में सामने आए आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पुलिस की जांच के बाद ही घटना की परिस्थितियों और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




