
उत्तरकाशी: डाकघर में सुरक्षित निवेश के उद्देश्य से जमा कराई गई 10 लाख रुपये की एफडी की रकम गायब होने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त एक महिला को अपनी जमा पूंजी का पता तब चला, जब वह पासबुक की दूसरी प्रति लेने डाकघर पहुंचीं। महिला की शिकायत पर उत्तरकाशी पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता सुमित्रा देवी का आरोप है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई डाकघर में एफडी के रूप में जमा कराई थी, लेकिन मियाद पूरी होने से करीब डेढ़ माह पहले उन्हें खाते में रकम नहीं होने की जानकारी मिली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि एफडी की धनराशि कब और किन परिस्थितियों में निकाली गई।
2019 में स्वास्थ्य विभाग से हुई थीं सेवानिवृत्त
सुमित्रा देवी वर्ष 2019 में स्वास्थ्य विभाग में बेसिक हेल्थ वर्कर के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। सेवानिवृत्ति के बाद भविष्य की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी बचत डाकघर में जमा कराई थी। जानकारी के अनुसार, 5 दिसंबर 2025 को उन्होंने उत्तरकाशी के कलक्ट्रेट परिसर स्थित डाकघर में एक साल की अवधि के लिए 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी। महिला को उम्मीद थी कि तय अवधि पूरी होने पर उन्हें उनकी जमा पूंजी वापस मिल जाएगी।
पासबुक खोने के बाद सामने आया मामला
सितंबर 2026 में पासबुक खो जाने के बाद सुमित्रा देवी उसकी दूसरी प्रति लेने डाकघर पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान उन्हें खाते में धनराशि नहीं होने की जानकारी दी गई। महिला ने पासबुक की दूसरी प्रति देने से इनकार किए जाने की बात भी अपनी शिकायत में कही है। इसके बाद उन्होंने कोतवाली उत्तरकाशी पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। अपनी जमा पूंजी को लेकर चिंता में पड़ी महिला ने संबंधित धनराशि के गायब होने की जांच कराने की मांग की।
मई 2026 में ही निकाली गई थी रकम, पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा
जांच अधिकारी उपनिरीक्षक संगीता नौटियाल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एफडी की धनराशि कथित तौर पर मई 2026 में ही निकाल ली गई थी। यदि यह जानकारी जांच में पुष्ट होती है, तो यह निकासी एफडी की निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले हुई थी। शहर कोतवाल दिनेश कुमार ने बताया कि महिला की शिकायत करीब 15 दिन पहले प्राप्त हुई थी। प्रथम दृष्टया गबन का मामला सामने आने के बाद शनिवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
खाते से रकम कैसे निकली, इसकी जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब एफडी खाते से संबंधित रिकॉर्ड, निकासी के दस्तावेजों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि धनराशि किस माध्यम से निकाली गई और इस मामले में कौन जिम्मेदार है। फिलहाल किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि सेवानिवृत्त महिला की 10 लाख रुपये की जमा पूंजी खाते से किन परिस्थितियों में गायब हुई।




