
देहरादून: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड समेत छह राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की है। इस बदलाव के तहत मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की जगह लेंगे। वहीं, उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से राज्य के विकास को नई दिशा मिलेगी।
कौन हैं उत्तराखंड के नए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन?
डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। वह आयुर्वेद एवं होम्योपैथी के डॉक्टर होने के साथ-साथ किसान भी हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई हैं। बिसेन मध्य प्रदेश की बरघाट विधानसभा सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2003 से 2005 के बीच उन्होंने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके बाद वर्ष 2011 से 2013 तक वह मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे। उनका राजनीतिक सफर यहीं तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर बालाघाट संसदीय सीट से जीत दर्ज की और 17वीं लोकसभा के सदस्य बने। अब उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीएम धामी ने दी बधाई, विकास को लेकर जताई उम्मीद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बिसेन के राजनीतिक अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण और सार्वजनिक जीवन में योगदान को प्रेरणादायी बताया। सीएम धामी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री, सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता के रूप में बिसेन ने जनहित एवं समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से उत्तराखंड की विकास यात्रा को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि नए राज्यपाल के मार्गदर्शन में राज्य विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।
दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया
राज्यपालों की नियुक्ति से जुड़े बदलाव में उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उत्तराखंड में भाजपा संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके गौतम की नई नियुक्ति भी इस बदलाव का प्रमुख हिस्सा है।
गुरमीत सिंह के नाम रहा उत्तराखंड में सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड
उत्तराखंड के राज्यपाल पद पर अब तक लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का कार्यकाल भी खास रहा है। उन्होंने राज्य में सबसे लंबे समय तक राज्यपाल रहने का रिकॉर्ड बनाया था। गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। इससे पहले राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल के नाम सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड दर्ज था। उन्होंने 8 जनवरी 2003 को पद संभाला था और 28 अक्टूबर 2007 तक इस जिम्मेदारी पर रहे। उनका कार्यकाल 1,755 दिनों का था।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुरमीत सिंह ने 5 जुलाई 2026 को 1,755 दिन पूरे किए और 6 जुलाई 2026 को सुदर्शन अग्रवाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही वह उत्तराखंड में सबसे लंबे समय तक राज्यपाल पद पर रहने वाले व्यक्ति बने। अब ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति के साथ उत्तराखंड के राजभवन में नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। उनके सामने संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन के साथ राज्य सरकार और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय की भूमिका भी रहेगी।




