
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का असर देखने को मिला है। सुबह हेमकुंड साहिब और पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील स्थित व्यास घाटी के कुटी गांव में बर्फबारी हुई। वहीं, देहरादून, ऋषिकेश, नैनीताल और हल्द्वानी में बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। हरिद्वार में तेज ओलावृष्टि हुई, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।
हरिद्वार में अंडे के आकार के ओले, गाड़ियों के शीशे टूटे
हरिद्वार में मौसम का सबसे ज्यादा चौंकाने वाला रूप देखने को मिला, जहां बड़े आकार के ओले गिरने की जानकारी सामने आई है। ओलों का आकार अंडे के बराबर बताया जा रहा है। तेज ओलावृष्टि के कारण कुछ वाहनों के शीशे टूटने की भी खबर है। अचानक हुई ओलावृष्टि से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बड़े आकार के ओले वाहनों, फसलों और खुले स्थानों पर रखी वस्तुओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में मौसम खराब होने के दौरान खुले में खड़े रहने और वाहन चलाने में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन, दोनों ओर वाहन फंसे
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बीच सड़क यातायात पर भी असर पड़ा है। चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर टंगड़ी-पागल नाले के पास भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों के फंसने की जानकारी सामने आई है। भूस्खलन के कारण मार्ग बाधित होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर चट्टानों से मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में बदरीनाथ धाम की ओर जाने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सड़क की स्थिति की जानकारी लेना बेहद जरूरी है। मार्ग बंद होने की स्थिति में प्रशासन की ओर से रास्ता खोलने और यातायात बहाल करने की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर आया मलबा
पिथौरागढ़ जिले में भी बारिश का असर देखने को मिला। बारिश के चलते आदि कैलाश मार्ग पर गस्कू के पास मलबा आने की जानकारी है। इससे इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। आदि कैलाश यात्रा मार्ग पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां बारिश के दौरान भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं। ऐसे में इस मार्ग पर सफर करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन से सड़क की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
थल-डीडीहाट मार्ग पर लामाघर के पास गिरे चार पेड़
बारिश और खराब मौसम के कारण पिथौरागढ़ क्षेत्र में सड़क यातायात से जुड़ी एक और परेशानी सामने आई है। थल-डीडीहाट मोटर मार्ग पर लामाघर के पास चार पेड़ गिर गए, जिससे सड़क बंद हो गई। लगातार बारिश होने के कारण सड़क खोलने के काम में भी दिक्कत आने की बात कही गई है। सड़क बंद होने से इस मार्ग पर आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान पेड़ गिरने, मलबा आने और भूस्खलन जैसी घटनाएं यातायात को बाधित कर सकती हैं।
हेमकुंड साहिब और कुटी गांव में बर्फबारी
प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह बर्फबारी भी दर्ज की गई। हेमकुंड साहिब और पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी स्थित कुटी गांव में बर्फ गिरने से पहाड़ों में मौसम का बदला हुआ मिजाज दिखाई दिया। दूसरी ओर, देहरादून, ऋषिकेश, नैनीताल और हल्द्वानी में बारिश हुई। इस तरह प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि के साथ मौसम का व्यापक असर देखने को मिला।
देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आज के लिए देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में इन जिलों के लोगों को मौसम में होने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। भूस्खलन प्रभावित स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचें और सड़क बंद होने की सूचना मिलने पर वैकल्पिक मार्ग के संबंध में प्रशासन से जानकारी लें। कुल मिलाकर, उत्तराखंड में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि के साथ अब भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाओं ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग, आदि कैलाश मार्ग और थल-डीडीहाट मोटर मार्ग की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। यात्रियों को सलाह है कि सफर पर निकलने से पहले सड़क और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी जरूर प्राप्त करें।




